Gurugram News: गुरुग्राम में इस सरकारी जमीन पर चलेगा प्रशासन का पीला पंजा, 200 मकान होंगे ध्वस्त
Haryana News: हरियाणा के नगर परिषद वार्ड 13 में स्थित अरावली की तलहटी से लगती टूरिज्म निगम की भूमि पर बनी अवैध कॉलोनी अब खतरे में है। करीब 9.5 एकड़ में फैली इस कॉलोनी में 150 से 200 तक पक्के और कच्चे मकान बन चुके हैं। अब प्रशासन इस कॉलोनी को गिराने की पूरी तैयारी कर चुका है।

Gurugram News: हरियाणा के नगर परिषद वार्ड 13 में स्थित अरावली की तलहटी से लगती टूरिज्म निगम की भूमि पर बनी अवैध कॉलोनी अब खतरे में है। करीब 9.5 एकड़ में फैली इस कॉलोनी में 150 से 200 तक पक्के और कच्चे मकान बन चुके हैं। अब प्रशासन इस कॉलोनी को गिराने की पूरी तैयारी कर चुका है।
पर्यटन निगम के स्थानीय अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर कॉलोनी हटाने की मांग की है। पर्यटन निगम की जमीन पर बने अवैध मकान खतरे में हैं। पर्यटन निगम के पास स्थानीय नगर की करीब 44 एकड़ जमीन है। पर्यटन स्थल के अलावा इसमें कई अवैध कॉलोनियां भी बसी हैं।
ऐसी कॉलोनियों में पहाड़ कॉलोनी, नट कॉलोनी आदि शामिल हैं। लोग वर्षों से विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा कर मकान और दुकानें बना रहे हैं। लोग सरकारी जमीन को निजी जमीन के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। करीब 10 साल पहले पर्यटन निगम ने जमीन अधिग्रहण कर निकासी की प्रक्रिया शुरू की थी।
लेकिन न्यायिक दांवपेंच और राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते जमीन खाली कराना नामुमकिन हो गया था। विभाग ने जमीन खाली कराने के लिए अवैध कब्जेदारों को कई बार नोटिस भी जारी किए थे। पर्यटन निगम ने अपनी कब्जाई जमीन को छुड़वाने के लिए कोर्ट का सहारा लिया था।

जहां अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोग लड़ाई लड़ते हैं और वकील नियुक्त करते हैं, लेकिन निगम की जमीन पर बैठे कब्जेदारों को कोर्ट से भी निराशा ही हाथ लगती है। कॉलोनी के निवासियों को एसडीएम कोर्ट में निराशा का सामना करना पड़ रहा है और एसडीएम कोर्ट ने पर्यटन निगम को जमीन पर कब्जा लेने के आदेश जारी कर दिए हैं।
पर्यटन विभाग की जमीन पर बसे करीब 150 परिवारों पर विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक गई है। ऐसे लोग कई सालों से जमीन पर अवैध कब्जा किए हुए हैं। ऐसे में उनके बेघर होने की नौबत आ गई है। वहीं सरकारी विभाग नागरिकों को पर्यटन निगम की अवैध कॉलोनियों में रहने के लिए उकसाते हैं।

नगर परिषद, बिजली निगम, जनस्वास्थ्य विभाग आदि विभाग नागरिकों को उनकी अपनी जमीन देने में कोई कोताही नहीं बरतते। हर सरकारी विभाग और निगम विकास के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च करता है। हरियाणा टूरिज्म निगम की जमीन पर बसे अवैध कब्जे अब खत्म होने की कगार पर हैं। न्यायिक आदेश और प्रशासनिक सख्ती से यह स्पष्ट है कि सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।











